बहु का सम्मान करो तुम्हारी बहु किसी की बेटी है, तो तुम्हारी बेटी किसी की बहु |
सरिता अपनी बहु राधा को ज्यादा पसंद नहीं करती थी हाँ , लेकिन बेटे से थी और बेटा समीर भी माँ पर जान छिड़कता था | सरिता, राधा को इसलिए पसंद नहीं करती थी | क्योकि राधा ज्यादा सुन्दर नहीं थी और सरिता को अपने बेटे के लिए चाँद सी बहु चाहिए थी जो हर माँ का सपना होता है |
चाहे खुद का बेटा कैसा भी हो लेकिन समीर के पापा राजेश ने ही राधा को पसंद किया था और राधा के घर वालो को जुबान दे चुका था | इसलिए सरिता को शादी के लिए मानना पड़ा | राधा शकल से भले ही सुन्दर ना हो लेकिन पढाई में, घर के कामों में बहुत तेज थी | समीर के पापा हमेशा कहते , क्या हुआ जो राधा सुन्दर नहीं तो, मन की तो कितनी अच्छी है , समीर को भी पसंद है,हमारी कितनी सेवा करती है हमारी इज़्ज़त करती है हमे और क्या चाहिए |
सरिता कहती – काम अच्छे से करती है तो क्या हुआ काम तो कामवाली भी कर सकती है, मुझे लोगो के ताने सुनने पड़ते है कहते है सरिता तुम तो सच ही कहती थी अपने बेटे के लिए चाँद सी बहु लाऊंगी | मुझसे ये बर्दाश नहीं होता मुझे राधा बिलकुल पसंद है मैं उसे कभी अपनाउंगी | कुछ दिन बाद सरिता की बेटी माला घर आई और अपनी माँ के गले लग कर रोने लगी |
सरिता बहुत परेशान हो गई और अपनी बेटी से सारी बात पूछी माला ने बताया मेरे ससुराल में मुझे कोई पसंद नहीं करता मुझसे कोई बात भी करता | माला और उसके भाई की शादी एक ही दिन हुई थी | अपनी बेटी को इस हालत में देखकर सरिता को माला के ससुरालवालों पर बहुत गुस्सा आया और उसने समीर और उसके राजेश से बात की और कहा हमे माला के ससुराल जाना होगा और उनसे पूछना होगा वो ऐसे कैसे कर सकते है हमारी बेटी के साथ |
समीर कहा हाँ, हाँ चलते है लेकिन राजेश ने कहा मैं नहीं जा सकता तुम्हारे साथ | सरिता ने कहा आप तो माला से बहुत प्यार करते हो क्या आप नहीं चाहते आपकी बेटी का घर बस जाए | राजेश ने कहा मैं अपनी बहु को भी अपनी बेटी बना कर लाया था जब उसे मैं तुम्हारे दिल में जगह नहीं दिला सका तो माला को कहा से उसके ससुराल में जगह दिलाऊंगा | सरिता सुन हो गयी और उसे हर वो बात याद आने लगी जो उसने अपनी को कही थी | सरिता को बहुत पछतावा हुआ और उसने अपनी बहु राधा से माफी मांगी |
यहाँ सब ठीक होने के बाद सरिता ने कहा चलो अब माला के ससुराल चलते हैं | राजेश और माला एक दूसरे को देख कर मुस्कुराने लगे | राजेश ने बताया माला के ससुराल में सब ठीक चल रहा है और उसके ससुरालवाले उसे बहुत प्यार करते और सम्मान करते हैं यह सब तो मेरी चाल थी तुम्हे सबक सीखने की |
राधा को सम्मान दिलाना मेरी जिम्मेदारी थी | इसलिए मैंने और माला ने मिलकर ये नाटक किया | हर सास को अपनी बहु के साथ गलत करने से पहले अपनी बेटी के बारे में सोचना चाहिए वो भी किसी की बहु है |
नमस्कार आप सब का narikiunkahikahaniya में आपका स्वागत है | यहाँ पर आपको हर उन नारियों की कहानियाँ मिलेंगी जिन्होंने अपनी लाइफ में बहुत कुछ सहा है और अपनी ही लाइफ से बहुत कुछ सीखा है | कई बार हमे दूसरो को कहानियों से अपनी समस्या का हल मिल जाता है | नारी एक बहुत बड़ी सकती है और नारी में सहनशक्ति भी उतनी ही होती है | हर नारी को अपना आत्मसम्मान बनाए रखना चाहिए |


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