ज़िंदगी बहुत छोटी होती है जी भर के जीओ, कहीं देर ना हो जाए !
नेहा अपने पति, दो बच्चों और सास-ससुर के साथ बहुत खुशी खुशी रहती थी | नेहा सुबह से लेकर श्याम तक घर का सारा काम करती | नेहा का पति रवि नेहा से बहुत प्यार करता था , प्यार तो नेहा भी बहुत करती थी रवि से लेकिन वो रवि को टाइम नहीं देती थी |
घर के काम में ही लगी रहती थी | रवि की Sunday को ऑफिस की छुट्टी होती तो वो यह सोचता आज नेहा को कहीं बहार घुमा कर लाऊं ताकि उसके साथ कुछ टाइम बिता सकूँ | ऐसे पति नसीब वाली औरतों को ही मिलते है | लेकिन नेहा को घर के काम से ही फुर्शत नहीं थी | आज नेहा और रवि की शादी की सालगिरह थी रवि पहले दिन से ही बहुत खुश था | अगले दिन सुबह रवि जल्दी उठा उसने अपने और नेहा के लिए चाय बनाई फिर नेहा को उठाया और ring पहना कर anniversary wish की नेहा बहुत खुश थी |
लेकिन अपने मन मई सोच रही थी इतना खर्चा करने की क्या जरुरत थी , लेकिन उसने रवि को कुछ नहीं कहा क्योकि रवि बहुत प्यार से लाया था | आज रवि ने ऑफिस की छुट्टी ली हुई थी और नेहा और बच्चों को कही बहार घुमाने ले जाना चाहता था | लेकिन नेहा जाने के लिए तैयार नहीं थी आज उसने घर में कुछ काम करने की Planning कर रखी थी और उसने रवि को मना कर दिया |
रवि ने अब ऑफिस की छुट्टी तो ले ही ली थी इसलिए पूरे घर पर ही रहा और नेहा का काम खत्म होने का wait करता रहा लेकिन नेहा का काम पूरे दिन चलता रहा | एक दिन नेहा को काम करते करते अचानक से चक्कर आ गया और वो बेहोश हो गई |
रवि उसको doctor के पास ले गया फिर डॉक्टर ने उसके कुछ टेस्ट किए और कहा रिपोर्ट दो दिन बाद आएगी | दो दिन के बाद नेहा और रवि डॉक्टर के पास गए तो डॉक्टर ने रिपोर्ट चेक करके बताया कि नेहा की दोनों किडनी बिलकुल खराब हो चुकी हैं ,हम इलाज करेंगे लेकिन हम यह नहीं कह सकते कि ये ठीक हो जायँगी |
जब तक ये जिन्दा रहेंगी तक इलाज चलेगा और यह नहीं कह सकते कितने दिन जिन्दा रह सकती हैं | यह सुन कर रवि को बहुत सदमा लगा और वह अपने आप को संभाल नहीं पा रहा था तभी उसने देखा नेहा फिर से बेहोश हो गई |
रवि ने अपने आप को दिलाशा दिया और अपनी पत्नी को संभाला | अब नेहा को इलाज चल रहा था और नेहा को बहुत डर लग रहा था वो जीना चाहती थी और अपने पति के साथ वो सारे पल बिताना चाहती थी जो उसने घर के काम की वजह से miss कर दिए थे |
वह सोच रही थी जल्दी से ठीक हो जाऊ और अपने पति के साथ टाइम बिताऊँ| लेकिन दिन- ब -दिन नेहा की तबियत खराब होती जा रही थी | छह महीने के अंदर नेहा चल बसी | नेहा की उम्र सिर्फ 32 साल थी | रवि ने बहुत मुश्किल से खुद को और अपने बच्चों को संभाला |
ज़िंदगी का कुछ नहीं पता कब क्या हो जाये इसलिए अपनी लाइफ को एन्जॉय करो खुद खुश रहो औरो को भी खुश रखो |


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