घरवालों की पसंद से शादी की और फिर भी !
आज भारती की
शादी
थी
लड़का
घरवालों की
पसंद
का
था
भारती
भी
बहुत
खुश
थी
शादी
से
| भारती
खुद Government job पर
थी
और
रोहन
भी Government job पर
था
| सभी
बहुत
खुश
थे
और
शादी
भी
बहुत
धूम-धाम से हुई | भारती
की
विदाई
हुई
और
कुछ
ही
घंटो
में
वो
अपने
ससुराल
पहुंच
गई
|
ससुराल में उसका स्वागत
बहुत
अच्छे
से
हुआ
सारी
रस्में
हुई
उसके
बाद
सास
ने
कहा
बेटा
अब
तुम
आराम
करो
, भारती
ने
आराम
किया
और
अब
उसे
पगफेरे
की
रश्म
के
लिए
अपने
घर
जाना
था
अभी
तक
भारती
की
रोहन
से
कोई
बात
नहीं
हुई
थी
उन्हें
टाइम
ही
नहीं
मिला
था
बात
करने
का
| थोड़ी
ही
देर
में
रोहन
और
भारती
पगफेरे
के
लिए
निकल
गए
| भारती
ने
रोहन
से
बात
करनी
चाही
पर
वो
शरमा
गयी
और
पहले
रोहन
ही
बात
करे
ये
सोचने
लगी
| थोड़ी
ही
देर
में
भारती
का
घर
आ
गया
| वहां
भी
सारी
रश्मे
हुई
और
श्याम
हो
गयी
अब
रोहन
और
भारती
घर
क
लिए
निकल
गए
|
घर जाकर भारती
ने
सास
से
कहा
मम्मी
जी
क्या
काम
करू
, मुझे
भी
कुछ
काम
बताइए
भारती
की
सास
ने
कहा-
बेटा
कुछ
काम
नहीं
है
तुम
आराम
करो
| भारती
अपने
कमरे
मे
चली
गयी
और
रोहन
का
इंतज़ार
करने
लगी
| रोहन
का
इंतजार
करते
करते
उसे
नींद
आ
गयी
और
वो
सो
गयी
| उसे
पता
ही
नहीं
चला
कि
रोहन
किस
टाइम
आया
| रोहन
भी
आकर
सो
गया
| सुबह
भारती
जल्दी
उठी
और
सब
घर
वालो
का
आशीर्वाद लेकर,
सब
के
लिए
चाय
बनाई
और
रोहन
के
लिए
भी
ले
गयी
|
उसने रोहन को
जगाया
और
कहा
चाय
पी
लीजिए
रोहन
ने
कहा
मैं
चाय
नहीं
पीता
| फिर
भारती
ने
पूछा
आपके
लिए
दूध
, कॉफ़ी
कुछ
ले
आऊं
तो
रोहन
ने
मना
कर
दिया
| आज
शादी
को
तीन
दिन
हो
चुके
थे
लेकिन
उन
दोनो
के
बीच
कोई
खास
बात
चीत
नहीं
हुई
| भारती
ने
सोचा
लगता
है
बहुत
ही
शर्मीले है
ये
बात
नहीं
करेंगे
मुझे
ही
बात
शुरू
करनी
पड़ेगी
| वो
रोहन
के
पास
गयी
और
उसने
रोहन
का
हाथ
पकड़ा
और
कुछ
कह
पाती
उससे
पहले
ही
रोहन
हाथ
छुड़ा
कर
बहार
चला
गया
उसकी
मम्मी
उसे
आवाज
दे
रही
थी
|
भारती रोहन का
व्यवहार कुछ
सही
सा
नहीं
लगा
उसने
ये
बात
अपनी
जेठानी
से
कही
, जेठानी
ने
कहा
मम्मी
जी
को
बताओ
, मैं
क्या
कर
सकती
हूँ
| फिर
भारती
ने
सोचा
मम्मी
जी
को
कहने
से
पहले
मुझे
ही
बात
करनी
चाहिए
रोहन
से
| ऐसे
करते
करते
एक
सप्ताह
निकल
गया
अब
भारती
से
बरदार्शत नहीं
हो
रहा
था
उसने
रोहन
से
बात
की
और
अब
रोहन
ने
जो
उसे
कहा
ये
सुन
कर
भारती
के
पैरों
के
नीचे
से
जमीन
खिसक
गयी
रोहन
ने
कहा
– मैं
तुमसे
शादी
नहीं
करना
चाहता
था
ना
ही
मुझे
तुम
पसंद
हो
मैं
किसी
ओर
से
प्यार
करता
हूँ
| मैंने
घरवालों को
साफ-
साफ
कह
दिया
था
कि
मैं
तुमसे
शादी
नहीं
करूँगा
लेकिन
घरवालों के
दबाव
मे
आकर
मैंने
तुमसे
शादी
की
|
अब भारती को
समझ
नही
आ
रहा
था
अब
वो
क्या
करे|
अगर
ओर
कोई
बात
होती
तो
वो
अपने
पति
को
समझने
के
लिए
टाइम
देती
लेकिन
रोहन
ने
साफ
-साफ
कह
दिया
था
अब
वो
क्या
करे
| उसने
अपनी
सास
से
बात
की
और
कहा
मम्मी
जी
आप
सबको
सब
कुछ
पता
था
तो
आपने
मेरी
ज़िंदगी
खराब
क्यों
की
| अब
भारती
की
सास
के
पास
कोई
जवाब
ना
था
| भारती
ने
अपने
घर
वालों
को
बताया
और
उसके
घरवाले
जल्दी
ही
वहां
पहुँच
गये
|
सबने बैठ कर
आराम
से
बात
की
लेकिन
कोई
हल
नहीं
निकला
रोहन
अपनी
बात
पर
ही
अड़ा
रहा
| अब
भारती
और
उसके
घरवालों के
पास
कोई
राश्ता
नहीं
था
| उसका
पति
ही
उसका
नहीं
था
तो
वो
अब
यहाँ
किसके
लिए
रहती
| भारती
अपने
घरवालों के
साथ
चली
गयी
|
अब आप
ही Comment करके
बताइये
यहाँ
कोन
गलत
था
|


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